— जैसे, जिस प्रकार (सम्बन्धवाचक अव्यय); — क्योंकि, निश्चय ही (हेत्वर्थक अव्यय); — अर्थ — पदार्थ, विषय (कर्ता कारक); — अस्फुट — अस्पष्ट (विशेषण, कर्ता कारक); — देखा गया (पु.कर्ता एक. ppp √दृश्); — सावधान चित्त में (अधिकरण कारक — पदबन्ध); — भी (अव्यय); — पुनः, बार-बार (अव्यय); — स्फुटतर — अधिक स्पष्ट (विशेषण, कर्ता कारक); — प्रकाशित होता है, भासित होता है (वर्त. तृ.पु.एक. √भा); — स्वबल के उद्योग से भावित — अपनी (आन्तर) शक्ति के प्रयत्न से अनुप्राणित (कर्ता कारक — समासगत)
जैसे कोई अर्थ सावधान चित्त में भी पहले अस्पष्ट दिखाई देता है, परन्तु अपने आन्तर बल के उद्योग से भावित होकर पुनः अधिक स्पष्ट रूप से भासित होता है —