— आधारों पर (अधिकरण बहुवचन); — अथवा अशक्ति (असमर्थता) से (अव्यय + करण कारक); — ज्ञान से (अपादान कारक); — अथवा (अव्यय); — देश-कल्पना से (अपादान — समासगत); — शक्ति-संशोभ (शक्ति का प्रकाश) के उत्पन्न होने पर (सति-सप्तमी — समासगत); — उसके बाद शान्त होने पर तब (परम अवस्था) हो जाती है — अव्यय + अधिकरण + विधि लिङ्
आधारों पर — अथवा अशक्ति से, अथवा ज्ञान से, अथवा देश-कल्पना से — जब शक्ति-संशोभ (शक्ति का प्रकाश/उद्गार) उत्पन्न हो और उसके शान्त होने पर — तब (परम अवस्था) हो जाती है। (धारणा ७७)