The Heart of Recognition · 1.8

The Heart of Recognition 1.8

1.8
तद्भूमिकाः सर्वदर्शनस्थितयः ॥८॥
tad-bhūmikāḥ sarva-darśana-sthitayaḥ
sūtra
— उसी (एक चिति) की भूमिकाएँ / स्तर ; — समस्त ; — दर्शन — दार्शनिक मत, सिद्धान्त ; — स्थितियाँ — स्थापित दृष्टिकोण

सभी दर्शनों की स्थापित स्थितियाँ उसी (एक चिति) की भूमिकाएँ हैं।