— स्थूल-रूप वाले पदार्थ की (षष्ठी — समासगत); — स्तब्ध (निश्चल) दृष्टि डालकर (कर्म + विशेषण + क्त्वान्त); — और (अव्यय); — शीघ्र, बिना देर किए (अव्यय); — मन को निराधार करके (कर्म + विशेषण + क्त्वान्त); — शिव को प्राप्त होता है (कर्म + विधि लिङ्)
स्थूल-रूप वाले किसी पदार्थ पर स्तब्ध (निश्चल) दृष्टि डालकर, और शीघ्र ही मन को निराधार करके (साधक) शिव को प्राप्त होता है। (धारणा ७९)