मध्यनाडी मध्यसंस्था बिससूत्राभरूपया ।
ध्यातान्तर्व्योमया देव्या तया देवः प्रकाशते ॥१००॥
madhyanāḍī madhyasaṃsthā bisasūtrābharūpayā |
dhyātāntarvyomayā devyā tayā devaḥ prakāśate
anuṣṭubh
मध्य-नाडी (सुषुम्ना) — कमल-नाल-तन्तु-सदृश रूप वाली, अन्तर-व्योम-स्वरूपा देवी के रूप में ध्यान करने पर उसी से देव (शिव) प्रकाशित होते हैं।