2.3 विद्याशरीरसत्ता मन्त्ररहस्यम् ॥३॥ vidyā-śarīra-sattā mantra-rahasyam sūtra vidyā-śarīra-sattā — विद्या-शरीर-सत्ता — (शुद्ध) ज्ञान ही जिसका शरीर है उसकी सत्ता (स्त्री. एकवचन, तत्पुरुष समास) ; mantra-rahasyam — मन्त्र-रहस्य — मन्त्र का रहस्य (नपुं. एकवचन, तत्पुरुष समास) जिसका शरीर (शुद्ध) विद्या है — उसी की सत्ता मन्त्र का रहस्य है।