Śiva Sūtras · 1.22

Śiva Sūtras 1.22

1.22
महाह्रदानुसन्धानान्मन्त्रवीर्यानुभवः ॥२२॥
mahāhradānusandhānān mantra-vīryānubhavaḥ
sūtra
— महाह्रद-अनुसन्धान से — महाह्रद (परम चेतना के महान् सरोवर) के साथ निरन्तर अनुसन्धान से (पुं. एकवचन, अपादान, तत्पुरुष समास) ; — मन्त्र-वीर्य-अनुभव — मन्त्र की शक्ति/सामर्थ्य का अनुभव (पुं. एकवचन, तत्पुरुष समास)

महाह्रद (परम चेतना के महान् सरोवर) के साथ अनुसन्धान से मन्त्र-वीर्य (मन्त्र की शक्ति) का अनुभव होता है।