Śiva Sūtras · 1.18

Śiva Sūtras 1.18

1.18
लोकानन्दः समाधिसुखम् ॥१८॥
lokānandaḥ samādhi-sukham
sūtra
— लोक-आनन्द — जगत् (को देखने) का आनन्द (पुं. एकवचन, तत्पुरुष समास) ; — समाधि-सुख — समाधि का सुख (नपुं. एकवचन, तत्पुरुष समास)

लोकानन्द (जगत् को देखने का आनन्द) ही समाधि का सुख है।