— निर्निमित्त, निष्कारण (विशेषण); — ज्ञान उत्पन्न हो (कर्ता + विधि लिङ्); — निराधार (विशेषण); — भ्रम-रूप, भ्रामक स्वभाव वाला (समासगत विशेषण); — तत्त्वतः वह किसी का (वैयक्तिक) नहीं — अव्यय + सर्वनाम + निषेध; — ऐसी भावना करने वाला शिव हो जाता है, हे प्रिये (विशेषण + कर्ता + सम्बोधन)
हे प्रिये! निर्निमित्त (निष्कारण), निराधार, भ्रम-रूप ज्ञान उत्पन्न हो (तो वह) तत्त्वतः किसी का (वैयक्तिक) नहीं है — ऐसी भावना करने वाला शिव हो जाता है। (धारणा ६४)